नई दिल्ली, नवम्बर 2 -- मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। अगले साल यानी 2027 में शनि इसी राशि में करीब 29 साल बाद गोचर करने वाले हैं। 2027 से पहले शनि ने 1998 में अप्रैल महीने में मेष गोचर किया था। मेष राशि पर मंगल ग्रह का स्वामित्व है। मंगल और शनि के बीच ज्योतिष शास्त्र में शत्रुता का भाव माना जाता है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि अक्सर लोग शनि का नाम सुनते ही भयभीत हो जाते हैं। लेकिन शनि हर समय अशुभ फल प्रदान करें, ऐसा भी नहीं है। शत्रु राशि में शनि के आने से कुछ राशियों को राहत मिलेगी। गोचर से पहले ही शनि 8 राशियों को सकारात्मक फल प्रदान करना शुरू कर देंगे। इन राशियों को आर्थिक तौर पर, करियर के मामलों में और व्यावसायिक रूप से सफलता मिलनी शुरू हो सकती है। शनि मेष राशि में आएंगे और फिर वक्री हो जाएंगे, जिसके कारण...