बांदा, अगस्त 7 -- बांदा। परिषदीय विद्यालयों में जर्जर तारों से हो रहे हादसों को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। दो वर्ष पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने बिजली विभाग को 74 ऐसे विद्यालयों की सूची दी थी, जिनके भवनों या परिसर से लाइन होकर गुजरी है। जर्जर व ढीले तारों से छात्र-छात्राओं व शिक्षकों के सिर खतरा मडराता है। इसके बावजूद अभी तक 27 विद्यालयों के तार शिफ्ट नहीं किए गए हैं। बारिश के समय ऐसे स्कूलों में बच्चों को भेजने से अभिभावक भी भय खाते हैं। हाईकोर्ट ने स्कूलों के ऊपर से गुजरी बिजली लाइनों को छात्र-छात्राओं के लिए बड़ा खतरा माना है और उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक को पक्षकार बनाने के आदेश दिया है। साथ ही अगली सुनवाई में विस्तृत जवाब देने को कहा है। वहीं जनपद में संचालित परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्रा...