हरदोई, अगस्त 13 -- पाली, संवाददाता। कारगिल युद्ध में शहीद हुए पाली के आबिद खान की शहादत को 27 साल बीतने को हैं, लेकिन परिवार के जेहन में उनकी यादें आज भी ताजा हैं। 1999 में बकरीद पर छुट्टी लेकर घर आए आबिद की छुट्टी पूरी भी नहीं हो पाई थी कि ड्यूटी पर वापस बुला लिया गया। कारगिल युद्ध शुरू होने से पहले पत्नी फिरदौस बेगम से हुई आखिरी बातचीत में उन्होंने बच्चों और अपना ख्याल रखने की बात कही थी। इसके बाद 30 जून को परिवार को उनके वीरगति को प्राप्त होने की सूचना मिली। फिरदौस बेगम बताती हैं कि आबिद से आखिरी बार करीब दो मिनट बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि जंग छिड़ गई है और वह वहां जा रहे हैं। साथ ही कहा था कि अब कब वापस आना होगा, कुछ कहा नहीं जा सकता। इस बातचीत के बाद परिवार को उनकी वापसी का इंतजार था, लेकिन 30 जून को उनकी शहादत की खबर ने पूरे प...