संतकबीरनगर, अक्टूबर 9 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले को अस्तित्व में आए 27 वर्ष से अधिक का समय बीत गया, लेकिन जिले में एक अदद प्रधान डाकघर नहीं है। जिला मुख्यालय पर जो डाकघर है उसे उप डाकघर के नाम से जाना जाता है। हर माह करोड़ों का कारोबार करने वाले इस डाकघर का अपना भवन तक नहीं है। जिस भवन में उप डाकघर संचालित हो रहा है वह महज एक गोदाम है। जिसका पार्टीशन कर कार्यालय का शक्ल दे दिया गया है। कार्यालय में शुद्ध पेयजल तक की सुविधा नहीं है। फिर भी यह डाकघर सर्वाधिक राजस्व देने वाला है। बदलते समय के साथ डाक विभाग भी हाईटेक हो रहा। कागजों में रिकार्डों को रखने वाले विभाग का डाटा व एकाउंट ऑन लाइन कर बैंकों की तर्ज पर काम किया जा रहा है। हालांकि जिस तरह बैंकों में कहीं से भी रुपए निकालने की सुविधा है वह अभी डाक विभाग में नहीं हो प...