नई दिल्ली, फरवरी 26 -- हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। साल 2026 में यह पावन तिथि 27 फरवरी, शुक्रवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह साल की आखिरी एकादशी भी मानी जाती है, इसलिए इसका महत्व और बढ़ जाता है। शास्त्रों में आमलकी एकादशी को 'मोक्षदायिनी एकादशी' कहा गया है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा और नियम के साथ व्रत रखने से कई बड़े यज्ञों के बराबर पुण्य फल मिलता है और जीवन के पापों से मुक्ति का मार्ग खुलता है। इस एकादशी का सबसे खास पहलू आंवले के वृक्ष से जुड़ा हुआ है। इस दिन सिर्फ उपवास करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि आंवले के पेड़ की पूजा करना, आंवले का दान करना और सेवन करना भी उतना ही जरूरी माना गया है। धार्मिक परंपराओं में आंवला न केवल सेहत के लिए लाभकारी माना...
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