नई दिल्ली, जुलाई 20 -- Saturn retrograde 2026 in pisces: न्याय देवता शनि को अनुशासन, कर्म, न्याय और आयु का कारक माना जाता है। वर्ष में एक बार शनि करीब 138 दिनों के लिए वक्री होते हैं। 27 जुलाई को शनि मीन राशि में वक्री होंगे और 11 दिसंबर को मार्गी होंगे। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शनि की वक्री अवस्था व्यक्ति को अपने कर्मों में सुधार और अटके हुए कार्यों को पूर्ण करने का समय होता है। वक्री शनि सभी अलग-अलग ग्रहों की राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेंगे। जानें वक्री शनि चंद्रमा, गुरु, शुक्र, बुध और मंगल की राशियों को क्या फल मिलेगा। जानें एस्ट्रोलॉजर नरेंद्र उपाध्याय से वक्री शनि का मेष से लेकर मीन राशि पर प्रभाव।मंगल की मेष और वृश्चिक राशि पर वक्री शनि का प्रभाव:मेष राशि- वक्री शनि के प्रभाव से मेष राशि वालों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानिय...