नई दिल्ली, जून 3 -- Vakri Shani ka Mesh, Kumbh aur Meen Rashi Par Prabhav: ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे धीमी गति का ग्रह माना जाता है। शनि समय-समय पर अपनी चाल में बदलाव करते हैं, जिसका प्रभाव देश-दुनिया के साथ सभी 12 राशियों पर पड़ता है। 27 जुलाई 2026 को शनि वक्री (उलटी) चाल शुरू करेंगे और 11 दिसंबर 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे। कहा जाता है कि शनि अपने प्रभाव से व्यक्ति को फर्श से अर्श और अर्श से फर्श तक पहुंचा सकते हैं। इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, साढ़ेसाती के दौरान वक्री शनि सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। जानें पंडित नरेंद्र उपाध्याय से साढ़ेसाती से परेशान मेष, कुंभ और मीन राशि वालों पर शनि की उलटी चाल का क्या प्रभाव पड़ेगा।मेष राशि पर शनि की वक्री चाल का प्रभाव: ज्योतिषाच...