पूर्णिया, मार्च 13 -- बैसा-अमौर, एक संवाददाता। माहे रमजान में इस बार एक खास स्थिति बनने की संभावना है। करीब 26 साल बाद ऐसा मौका बन रहा है जब रमजान के महीने में पांच जुमे पड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में दो अलविदा जुमे की नमाज अदा होने की संभावना जताई जा रही है। इसे लेकर क्षेत्र की मस्जिदों में खास चर्चा और तैयारी भी देखी जा रही है। क्षेत्रीय उलेमाओं मौलवी ताशीर आलम, इमाम साजिद, मुफ्ती हुसैन रजा और मौलाना अब्दुल कादिर ने बताया कि आम तौर पर रमजान के महीने में चार ही जुमे होते हैं, लेकिन इस बार यदि रमजान के पूरे 30 रोजे होते हैं तो पांचवां जुमा भी पड़ेगा। ऐसी स्थिति में आखिरी दिन पड़ने वाला जुमा अलविदा का जुमा माना जाएगा। उलेमाओं के अनुसार यदि रमजान 30 दिनों का होता है तो 20 मार्च को पांचवां जुमा पड़ेगा और वही अलविदा का जुमा होगा। वहीं अगर 29 रो...