बागेश्वर, मार्च 20 -- 26 दिनों का 9643 रुपये का बिजली बिल आने पर उपभोक्ता के पैर के नीचे की जमीन खिसक गई। ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर संबंधित विभाग के कर्मचारी तथा अधिकारी सुनवाई के लिए तैयार नहीं हैं, जिससे उपभोक्ता में नाराजगी बढ़ रही है। उपभोक्ता संतोष कुमार का कहना है कि उनका बिजली बिल 26 दिन की अवधि का 9643 रुपये आया है, जबकि ऊर्जा निगम ने 1272 यूनिट की खपत दर्शाई है। उन्होंने इसे असामान्य बताते हुए बिल की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों से संपर्क किया तो उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि बिल मीटर रीडिंग के अनुसार ही जारी किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तथा बिल में सु...