उन्नाव, अगस्त 10 -- बीघापुर। संवाददाता प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (पीएमईजीपी) के लाभार्थी से Rs.25 हजार की रिश्वत लेते कार्यालय सहायक के सीबीआई के हाथों पकड़े जाने के बाद बीघापुर डाक विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कार्रवाई ने न सिर्फ विभागीय सत्यापन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि उस कथित तंत्र की जांच की मांग भी तेज कर दी है, जिसमें लाभार्थियों के अनुदान सत्यापन के नाम पर रकम मांगने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सीबीआई की कार्रवाई केवल रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारी तक सीमित रहेगी या फिर उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी, जिनके संरक्षण अथवा जानकारी में कथित तौर पर यह प्रक्रिया चलती रही।

सीबीआई की कार्रवाई बीघापुर डाक निरीक्षक कार्यालय में तैनात कार्यालय सहायक कमल जाय...