नई दिल्ली, सितम्बर 30 -- भारतीय शेयर बाजार के लिए सितंबर की डेरिवेटिव सीरीज बेहद कमजोर रही। निफ्टी ने सितंबर सीरीज में करीब 6.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। यह पिछले 25 वर्षों में सितंबर की सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले सितंबर 2001 में निफ्टी 6.5 प्रतिशत गिरा था। इस बार निफ्टी में 1,400 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई है।22,600 का स्तर टूटा बाजार में लगातार विदेशी बिकवाली, महंगा कच्चा तेल, कमजोर रुपया और ऊंची बॉन्ड यील्ड का दबाव रहा। इस गिरावट के दौरान निफ्टी 2020 के बाद से सबसे लंबे साप्ताहिक गिरावट के दौर में भी पहुंच गया। सितंबर के आखिरी कारोबारी सत्रों में निफ्टी अपने 200-वीक मूविंग एवरेज के आसपास के 22,600 के स्तर से नीचे चला गया। मंगलवार को इंडेक्स ने 22,569 का इंट्राडे निचला स्तर छुआ।क्या निफ्टी 22,600 के ऊपर दोबारा टिक पाएगा टेक्निकल ...