हरदोई, जनवरी 14 -- सांडी। सांडी पक्षी विहार में आने वाले सैलानियों के ठहरने और खान-पान की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाया गया मोटल पर्यटन विभाग की अनदेखी के चलते जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। प्रदेश की नई पर्यटन नीति के तहत करीब दो साल पहले इसे लीज पर दिए जाने के बावजूद अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है, जिससे पर्यटक मायूस हैं। सन् 1990 में प्रसिद्ध दहर झील को तत्कालीन सरकार के अनुरोध पर राज्यपाल की मंजूरी के बाद संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था। इसके बाद रेंजर के नेतृत्व में सुरक्षा स्टाफ की तैनाती की गई। पर्यटकों की सुविधा के लिए दहर पुलिया तिराहे पर करीब 20 लाख रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा मोटल निर्माण की मंजूरी दी गई। सन् 1999 में मोटल बनकर तैयार हुआ, पीडब्ल्यूडी से हस्तांतरण को लेकर कई वर्षों तक विवाद च...
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