पूर्णिया, नवम्बर 15 -- पूर्णिया। जिले की रूपौली विधानसभा सीट का परिणाम इस बार कई मायनों में खास रहा। सबसे खास बात यह रही कि पिछले 25 वर्षों से जिन दो बाहुबलियों के इर्द- गिर्द इस विधानसभा की सीट करवट लेती रही, उसने इन दोनों के नेतृत्व को सिरे से खारिज कर दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2000 के बाद से रूपौली विधानसभा की राजनीति पर कभी अवधेश मंडल ने तो कभी शंकर सिंह ने प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से अपना सिक्का जमाया। नब्बे के दशक में अपने बाहुबल से रूपौली में दहशत का साम्राज्य करने वाले अवधेश मंडल ने वर्ष 2000 में अपनी पत्नी बीमा भारती को वहां से विधायक बनाया। 2005 के फरवरी में हुए विधानसभा के चुनाव में अवधेश मंडल के गिरोह से अदावत करने वाले शंकर सिंह ने बतौर विधायक वहां की सियासी कमान संभाली। करीब छह महीने चले इस विधानसभा के बाद नवंबर हुए उपचुनाव मे...
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