नई दिल्ली, जून 18 -- आईआईटी से बीटेक कर मोटी सैलरी पैकेज वाली जॉब पाना हर इंजीनियरिंग छात्र का सपना होता है। लेकिन सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट से यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या ऑफर लेटर में लिखा गया सीटीसी (कॉस्ट टू कंपनी) जितना या उसके थोड़ी आसपास का वेतन आपके बैंक खाते में पहुंचाता है? IIT रुड़की के एक पूर्व छात्र ने अपनी पहली नौकरी का अनुभव साझा कर इस चर्चा को जन्म दिया। इंजीनियरिंग ग्रेजुएट ने बताया कि एमबीए के बाद उनकी पहली सैलरी उनके 25 लाख रुपये के सीटीसी से कहीं कम थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस पर चर्चा शुरू हो गई कि कैसे डिडक्शन (कटौती), एम्प्लॉयर का योगदान और वेरिएबल पे, हाथ में आने वाली सैलरी (टेक-होम सैलरी) को तय करते हैं। आईआईटी ग्रेजुएट ने बताया कि एमबीए के बाद अपनी पहली सैलरी मिलने के बाद उन्हें बार-बार अपना बैंक बैलेंस ...