जमुई, जून 26 -- जमुई। 25 जून 1975 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सलाह पर तत्कालीन राष्ट्रपति फारूक अली अहमद ने संविधान के अनुच्छेद 352 का प्रयोग करते हुए राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की थी। भारत में 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया जाता है। इतिहास के आईने में 25 जून पर एक परिचर्चा में प्रो.गौरी शंकर पासवान ने कहा कि संविधान हत्या दिवस संवैधानिक चेतना के पुनर्जागरण का दिवस है। संविधान केवल शासन का दस्तावेज नहीं,बल्कि राष्ट्र की आत्मा और नागरिक अधिकारों का सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि संविधान से उपर कोई व्यक्ति, संस्था या सत्ता नहीं है। संविधान की गरिमा और नागरिक स्वतंत्रता का संरक्षण प्रत्येक पीढ़ी का दायित्व है। गौर तलब है कि 25 जून 1975 को भारत में आंतरिक आपातकाल की घोषणा की गई थी। यह भी पढ़ें- जमुई : 25 जू...