चतरा, जुलाई 26 -- इटखोरी प्रतिनिधि माँ भद्रकाली मंदिर पुजारी ज्योतिषाचार्य संदीप शर्मा बताते हैं कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से 25 जुलाई को चातुर्मास का शुभारंभ हो गया । इसके साथ ही सनातन परंपरा के अनुसार अगले चार महीनों तक विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन,यज्ञोपवीत,गृहारम्भ सहित अन्य मांगलिक कार्य स्थगित रहेंगे चातुर्मास का समापन 20 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी के साथ होगा, जिसके बाद पुन: मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे। चातुर्मास आत्मशुद्धि, संयम और आध्यात्मिक साधना का विशेष काल माना जाता है। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, इसलिए इस अवधि में मांगलिक संस्कार नहीं किए जाते। यह भी पढ़ें- Jhansi News: देवशयनीय एकादशी : भगवान विष्णु मां लक्ष्मी का हुआ श्रृंगार श्रद्धालु इस समय पूजा-पाठ, व्रत, दान, भजन,...