नई दिल्ली, अक्टूबर 23 -- शरद पूर्णिमा का पर्व इस साल 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं में इस तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन इस बार ग्रहों की स्थिति भी ज्योतिषीय चर्चा का विषय बनी हुई है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, शरद पूर्णिमा पर बुध और शुक्र वक्री रहेंगे। वहीं, शनि और चंद्रमा की स्थिति से विषयोग का प्रभाव भी देखा जा रहा है। हालांकि, गुरु की मजबूत स्थिति को राहत देने वाला संकेत माना जा रहा है। ऐसे में सवाल है कि ग्रहों का यह संयोग जनमानस पर कैसा प्रभाव डाल सकता है और शरद पूर्णिमा की तिथि 25 अक्टूबर को ही क्यों रखी गई है?25 अक्टूबर को क्यों मनाई जाएगी शरद पूर्णिमा? पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी और 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगी।...