बगहा, फरवरी 16 -- बगहा, हमारे संवाददाता। करीब 24 वर्ष पुराने आर्म्स एक्ट से जुड़े एक मामले में न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की साक्ष्य संबंधी कमजोरियों को देखते हुए छोटे पाठक को दोषमुक्त करार दिया। यह मामला चौतरवा थाना क्षेत्र के रतवल गांव से संबंधित था, जहां हथियार दिखाने और जान मारने की नियत से हमला करने का आरोप लगाया गया था। प्रकरण में सुनवाई के दौरान यह तथ्य उभरकर सामने आया कि मामले के अनुसंधानकर्ता तथा हथियार की जांच करने वाले सरकारी गवाह न्यायालय में गवाही देने उपस्थित नहीं हुए। इससे अभियोजन की कहानी को आवश्यक पुष्टिकरण नहीं मिल सका। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, मुकदमा लगभग 11 वर्षों तक साक्ष्य हेतु लंबित रहा। इस अवधि में अभियोजन पक्ष केवल तीन गवाह ही प्रस्तुत कर सका, जिनमें सभी गवाह पक्षद्रोही (होस्टाइल) हो गए। परिणामस्वरूप आरोपों के समर्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.