नई दिल्ली, जुलाई 21 -- नीट पेपर लीक की वजह से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अन्न त्यागे 24 दिन हो चुके हैं। 28 जून से ही भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 'संसद चलो मार्च' के बाद अनशन खत्म करने का ऐलान कर चुके थे। दोपहर तक मीडिया में ऐसी खबरें भी चलने लगीं कि शनिवार से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है, लेकिन शाम तक उनका रुख बदल गया। वांगचुक ने दो नई शर्तों के साथ अनशन जारी रखने का ऐलान कर दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि सोनम वांगुचक कब तक अनशन पर डटे रहेंगे। वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से लिखे लेटर में उन्होंने दो नई शर्तों का जिक्र किया है। उनका कहना है कि जब तक इसमें से किसी एक मांग को पूरा नहीं किया जाता है,...