गंगापार, जनवरी 13 -- गौहनिया, हिन्दुस्तान संवाद। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। इस वर्ष मकर संक्रांति को लेकर असमंजस की स्थिति बन रही है। पंचांगों में सूर्य के गोचर का समय अलग-अलग दिया गया है। सूर्य देवता जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उस समय सूर्य की संक्रांति होती है जिसमें पवित्र नदियों और त्रिवेणी में स्नान और दान का विधान है। इस वर्ष 23 साल बाद मकर संक्रांति पर्व पर षटतिला एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि योग सहित विशेष योग पड़ रहे हैं। मकर संक्रांति के साथ ही सूर्य देव उत्तरायण होंगे जिसमें खरमास समाप्त हो जाएगा। ज्योतिष विशेषज्ञ पं ध्रुव कुमार शास्त्री के अनुसार बुधवार 14 जनवरी को माघ कृष्ण एकादशी में मकर संक्रांति का आगमन हो रहा है। पंचांगों के अनुसार मकर संक्रांति गुरुवार 15 जनवरी को तिल द्वादशी पर मनाई जाएगी। क्यों...