अमरोहा, मई 10 -- श्रीनगर के लाल चौक पर आतंकियों की गोलियों को अपनी छाती पर झेलने वाले सीआरपीएफ के जांबाज सिपाही रूपकिशोर जाटव (45) शुक्रवार को जिंदगी की जंग हार गए। 21 साल पहले हुए उस हमले ने रूपकिशोर के शरीर के निचले हिस्से को पैरालाइज (लकवाग्रस्त) कर दिया था, लेकिन उनके हौसले कभी अपाहिज नहीं हुए। नोएडा के अस्पताल में इलाज के दौरान शहीद हुए इस योद्धा का शनिवार को तिगरी गंगा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वर्ष 2003 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए रूपकिशोर की तैनाती 2005 में श्रीनगर के अति-संवेदनशील लाल चौक पर थी। आतंकियों ने हमला किया तो रूपकिशोर ने बहादुरी से मोर्चा लिया। इस दौरान एक गोली उनकी कमर में जा धंसी। इस जख्म ने उनके धड़ से नीचे का हिस्सा बेजान कर दिया, पर देशभक्ति का जज्बा ऐसा था कि उन्होंने हार नहीं मानी। स्वस्थ...