नई दिल्ली, जून 28 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त के बाद संकट के दौर से गुजर रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब दो धड़ों में पूरी तरह बंट चुकी है। राज्य की सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी पर से ममता बनर्जी का नियंत्रण लगभग खत्म हो चुका है। वर्तमान में पार्टी कालीघाट-तृणमूल और ऋतब्रत-तृणमूल नाम के दो गुटों में विभाजित हो गई है। इस अंदरूनी कलह के बीच अब टीएमसी के सबसे बड़े वार्षिक राजनीतिक कार्यक्रम 21 जुलाई 'शहीद दिवस' को लेकर दोनों गुटों में खींचतान तेज हो गई है। इस विवाद के बीच कृष्णनगर से टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष और प्रशासन को चुनौती दी है। महुआ मोइत्रा ने कहा, "अगर हमें 21 जुलाई की रैली करने की अनुमति नहीं दी गई तो हम सड़कों पर उतरेंगे। हम सब गिरफ्तारी देने को तैयार हैं, लेकिन 21 जुलाई का कार...