रांची, अगस्त 11 -- रांची, संवाददाता। न्यायायुक्त एके मिश्रा-1 की अदालत ने 207 दिन की देरी से दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। अदालत ने सीजेएम कोर्ट के 15 सितंबर 2025 के आदेश को बरकरार रखा। मामले में निचली अदालत ने आरोपी जफर उर्फ सिराज के खिलाफ विभिन्न धाराओं में संज्ञान लिया था। वहीं, शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तावित अन्य धाराओं में प्रथमदृष्टया मामला नहीं पाया था। पुनरीक्षणकर्ता मो. असरार ने आरोप लगाया था कि मामले में अन्य धाराओं में भी संज्ञान लिया जाना चाहिए था। उसका कहना था कि सभी गवाहों ने उसके आरोपों का समर्थन किया है और आरोपी के खिलाफ देवघर में भी एक मामला लंबित है। अदालत ने रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद कहा कि मामला रिश्तेदारों के बीच विवाद से संबंधित है। जांच के बाद पुलिस ने इन्हीं चार धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया...