नई दिल्ली, दिसम्बर 19 -- ज्योतिषशास्त्र में बुध ग्रह को विशेष स्थान प्राप्त है। बुध देव को बुद्धि, तर्क, वाणी, संवाद, गणित, व्यापार, चतुरता और मित्रता का कारक ग्रह कहा जाता है। बुध देव को देवताओं का राजकुमार भी कहा जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुंडली में बुध की स्थिति व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता, बोलचाल, निर्णय लेने की शक्ति और करियर की दिशा को प्रभावित करती है। अब नए साल की शुरुआत में बुध देव राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। 4 जनवरी 2026 को बुध वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। बुध का यह गोचर कई राशियों के लिए खास साबित हो सकता है। धनु राशि में प्रवेश करते ही बुध का प्रभाव शिक्षा, ज्ञान, यात्रा, धर्म, दर्शन और करियर से जुड़े मामलों पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध के धनु राशि म...