लखनऊ, मई 4 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन सभागार में यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 500 लेखा परीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के 371 और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा के 129 अभ्यर्थी शामिल हैं। सीएम ने कार्यक्रम में वित्तीय प्रबंधन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट पर 42 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च हुए, फिर भी सरकार को बैंकों से कर्ज नहीं लेना पड़ा।आज यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है।2017 में बैंक अधिकारी मेरा फोन तक नहीं उठाते थे- सीएम योगी एक वाकया का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 में जब हमने सरकार बनाई, खजाना खाली था। हमें अपने चुनावी वादों को निभाना था, लेकिन किसी भी बैंक का चेयरमैन या सीएमडी मेरा फोन उठाने को तैयार नहीं ...