महोबा, जून 18 -- महोबा, संवाददाता। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने 2010 के पूर्व तैनात शिक्षकों को टीईटी के नियम से दूर रखने की मांग उठाई है। पदाधिकारियों ने कहा कि सेवारत शिक्षकों के टीईटी के नियम को अनिवार्य करने के बाद शिक्षकों पर दबाव है। पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्रवाहक जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार श्रीवास के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से शिक्षकों को मुक्त रखने की मांग उठाई है। पदाधिकारियों ने कहा कि 2011 से टीईटी लागू की गई है इसलिए 2010 से पूर्व शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से दूर रखा जाए। यह भी पढ़ें- टीईटी अनिवार्यता के विरोध में हजारों शिक्षकों ने किया मार्च पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों में टीई...