रुद्रपुर, जुलाई 10 -- गदरपुर, संवाददाता। उत्तराखंड राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से स्थायी राहत देने की मांग को लेकर तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम ऋचा सिंह को सौंपा। शाखा अध्यक्ष संजीव बुधौरी, मंत्री मनोहर लाल और कोषाध्यक्ष बबीता रानी के नेतृत्व में पहुंचे शिक्षकों ने कहा कि एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 को टीईटी को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के रूप में लागू किया था। सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णयों के बाद पूर्व नियमों के तहत नियुक्त शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य लाभ प्रभावित होने की आशंका है। यह भी पढ़ें- टीईटी से राहत और पुरानी पेंशन बहाली की मांग उन्होंने कहा ...