नई दिल्ली, सितम्बर 3 -- राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों का रण एक बार फिर सज चुका है। वार्डों के आरक्षण से लेकर प्रत्याशियों के नामांकन तक, हर तरफ चुनावी गणित तेजी से बदल रहा है। लेकिन इस पूरे सियासी खेल में एक आंकड़ा ऐसा है, जो महिला प्रतिनिधित्व की पूरी तस्वीर सामने रखता है। सवाल है-क्या राजस्थान के निकाय चुनावों में महिलाएं अब भी अपनी आधी राजनीतिक हिस्सेदारी हासिल करने से दूर हैं? पिछले चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर चौंकाने वाली है। महिलाओं की हिस्सेदारी लगातार 33 फीसदी से ऊपर रही, लेकिन 50 फीसदी का आंकड़ा केवल 2009 में ही पार हो सका। इसके बाद महिला प्रतिनिधित्व फिर 36-38 फीसदी के आसपास सिमट गया।जयपुर में 2009 में बना था रिकॉर्ड जयपुर के निकाय चुनावों में महिलाओं की राजनीतिक हिस्सेदारी का सबसे मजबूत प्रदर्शन 2009 में देखने ...