नई दिल्ली, दिसम्बर 23 -- सोने की चमक में अक्सर चांदी छिप जाती है, लेकिन इस साल चांदी की रफ्तार के आगे सोना भी पानी मांग रहा है। लंबे समय में सिल्वर ने जबरदस्त रिटर्न दिए हैं, पुराने ट्रेंड्स देखकर पता चलता है कि निवेशक इसे शेयरों और बॉन्ड्स से हटकर डायवर्सिफिकेशन के लिए क्यों पसंद करते हैं। 2000 में अगर आपने Rs.1,000 सिल्वर में लगाए होते और आज तक तो आज वो Rs.26,455 हो जाते। यानी वैल्यू 26 गुना से ज्यादा बढ़ गई। ये दिखाता है कि लंबे समय का निवेश कितना ताकतवर है और सिल्वर वेल्थ की रक्षा कैसे करता है। 2000 में भारत में सिल्वर की औसत कीमत करीब Rs.7,900 प्रति किलो थी। आज ये Rs.2.16 लाख प्रति किलो के आसपास है, यानी लॉन्ग-टर्म निवेशकों को 2600% से ज्यादा रिटर्न मिला। सदी की शुरुआत में सिल्वर को ज्यादातर इंडस्ट्रियल मेटल समझा जाता था, जिसकी डिमां...