20 साल से फाइलेरिया से जंग, अब अनिल बन रहे बीमारी के खिलाफ समाज की आवाज
किशनगंज, सितम्बर 2 -- किशनगंज। फाइलेरिया सिर्फ शरीर के किसी अंग में होने वाली सूजन का नाम नहीं है। यह ऐसी बीमारी है, जिसका असर धीरे-धीरे व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ उसके कामकाज, सामाजिक जीवन और आत्मविश्वास पर भी पड़ सकता है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि फाइलेरिया का संक्रमण होने के बाद लंबे समय तक इसके लक्षण दिखाई नहीं देते और जब प्रभावित अंग में सूजन स्पष्ट होने लगती है, तब तक बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। हाथीपांव के नाम से पहचाने जाने वाले लिम्फेटिक फाइलेरिया को लेकर समाज में आज भी कई भ्रांतियां हैं। ये... यह भी पढ़ें- Kishanganj News: 20 साल से फाइलेरिया से जंग, अब अनिल बन रहे बीमारी के खिलाफ समाज की आवाजअपनी बीमारी बताकर समझाते हैं, इसलिए असर गहरा अनिल की जागरूकता की सबसे बड़ी ताकत उनका व्यक्तिगत अनुभव है। जब वे ग्रामीणों के बीच...
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