नई दिल्ली, अगस्त 19 -- सुप्रीम कोर्ट ने आज (बुधवार, 19 अगस्त को) गुजरात सरकार के उन दो कर्मचारियों की सजा को रद्द करते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है, जिन पर आज से 30 साल पहले 20 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। इसके साथ ही करीब तीन दशक तक चली यह लंबी कानूनी और अदालती लड़ाई अब खत्म हो गई है। जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने इस पुराने मामले में एक क्लर्क और एक चपरासी को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ 20 रुपये बरामद होने के आधार पर सजा बरकरार नहीं रखी जा सकती, जब तक यह साबित न हो जाए कि उन्होंने रिश्वत की मांग की थी। यह मामला फरवरी 1996 का है। एक छात्र शैक्षिक रियायतें पाने के लिए इनकम सर्टिफिकेट (आय प्रमाण पत्र) लेने गुजरात के आनंद जिले के बेचरी ग्राम पंचायत कार्यालय गया था। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि क्लर्क...