बहराइच, जून 10 -- बहराइच,संवाददाता। कतर्निया सेंचुरी से लगे गांवों में वन्यजीवों के हमले तेज हो गए हैं। रात ही नहीं बल्कि दिनों में भी बाघ व तेंदुआ लोगों को शिकार बना रहे हैं। 20 दिनों में वन्यजीवों के 12 हमले हुए हैं। इसमें डेढ़ दर्जन लोग घायल हुए हैं,जबकि एक बालिका की मौत हुई है। बढ़ते हमलों के पीछे वन्यजीव विशेषज्ञ गन्ने की फसल कटने व तापमान में गर्म होती जंगल की आबोहवा मानते हैं। हमले को देखते वन विभाग विशेष बचाव अभियान शुरू किया है।नेपाल सीमा से लगा हुआ कतर्नियाघाट सेंचुरी क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। सात रेंजों में बंटे कतर्निया के पांच रेंज बाघ व तेंदुआ के लिहाज से कोर जोन में आते हैं। यह भी पढ़ें- दंपति पर हमले वाली जगह पर डटा बाघ, कैमरे में कैद इन रेंजों से 36 गांव लगे हुए हैं,जहां सर्वाधिक वन्यजीवों की आमद बनी रहती...