नई दिल्ली, नवम्बर 8 -- दिल्ली के शाहीन बाग में एक घर से 16 वर्षीय किशोरी को मुक्त कराया गया। लड़की अबुल फजल एंक्लेव-2 स्थित एक घर में मेड के तौर पर काम कर रही थी और उसे करीब एक साल से उसके माता-पिता से दूर रखा गया था। पुलिस ने शनिवार को बताया कि नाबालिग से कथित तौर पर रोजाना 20 घंटे काम कराया जाता था, उसे गर्म प्रेस और चाकू से बार-बार दागा जाता था और कई दिनों तक खाना भी नहीं दिया जाता था। पुलिस ने कहा कि यह मामला तब उजागर हुआ, जब बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले एनजीओ एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी ऐक्शन ने शिकायत दी थी। कालकाजी के एसडीएम के निर्देश पर 3 और 4 नवंबर को श्रम विभाग, दिल्ली पुलिस और गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दिवाली अपना ग्रीटिंग कार्ड्स खुद बनाएंपीड़िता ने पुलिस को सुनाई आपबीत...