रांची, अक्टूबर 9 -- कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (CMPFO) के निवेश में 727.67 करोड़ रुपये डूबने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के संजीव कुमार श्रीवास्ताव द्वारा 2022 में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को यह आदेश दिया। अदालत ने सीबीआई जांच का निर्देश देते हुए जनहित याचिका निष्पादित कर दी। मामला दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) में CMPFO के 1300 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ा है। DHFL के दिवालिया होने के बाद इसमें से 727.67 करोड़ राशि डूब गई। CMPFO के फंड मैनेजर एसबीआई और यूटीआई ने 24 जून 2019 को ही रेड अलर्ट जारी कर DHFL की खराब आर्थिक स्थिति की जानकारी दी थी। फंड मैनेजरों ने CMPFO को निवेश की रकम न...