नई दिल्ली, अगस्त 14 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकारी सेवा में कार्यरत महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि पहले मातृत्व अवकाश के दो वर्ष के भीतर दूसरी बार मातृत्व अवकाश लेने पर कोई रोक नहीं है। हाईकोर्ट ने फैसले मे कहा है कि उप्र. सरकार के अपनाए गए मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 के प्रावधान वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों पर प्रभावी होंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने याची सीमा की ओर से अधिवक्ता प्रशांत देव सिंह द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने 20 जुलाई 2026 को मातृत्व अवकाश अस्वीकार करने वाले आदेश को निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारी को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को 17 जून 2026 से 13 दिसंबर 2026 तक 180 दिन का मातृत्व अवकाश तत्काल स्वीकृत करने तथा सभी परिणामी सेवा लाभ दिया जाए। सुलत...