नई दिल्ली, मार्च 24 -- राजेंद्र जिंदल एक ठीक-ठाक सरकारी नौकरी में थे, पत्नी किरण भी टीचर थीं। लेकिन, राजेंद्र का मन सरकारी नौकरी में नहीं लग रहा था। उनके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। राजेंद्र और उनकी पत्नी दोनों ने मिलकर साल 1994 में कुछ अपना करने की ठानी। 2 लाख रुपये उधार लेकर उन्होंने एशियन फुटवियर्स की शुरुआत की। इस कंपनी के साथ वह जूते बनाने और बेचने के कारोबार में उतरे। उनके शुरू किए गए इस बिजनेस का सालाना रेवेन्यू अब 700 करोड़ रुपये पहुंच गया है। एशियन फुटवियर्स की अब तक की जर्नी, आगे के प्लान, विस्तार योजनाओं, आईपीओ और दूसरे कई अहम मुद्दों पर लाइव हिन्दुस्तान ने कंपनी के सीईओ और राजेंद्र जिंदल के बेटे आयुष जिंदल से लंबी बातचीत की। इस बातचीत की प्रमुख बातें... ऐसे हुई कंपनी की शुरुआतएशियन फुटवियर्स के सीईओ आयुष जिंदल ने बताया कि 1...