संवाददाता, जुलाई 18 -- कानपुर में फर्जी मार्कशीट और अन्य सरकारी दस्तावेज बनाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीनों कैफे संचालक कजाखिस्तान के नंबर से ऑपरेटेड व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े थे। इसी ग्रुप पर उन्हें पहले एक लिंक भेजा जाता था। इसके साथ ही आईडी और पासवर्ड दिया जाता था। लिंक पर क्लिक करते ही पोर्टल खुल जाता था। लॉगइन करके चंद मिनट में आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर देते थे। आरोपी ई-डिस्ट्रिक्ट समेत आठ फर्जी पोर्टल का इस्तेमाल कर 70 तरह के दस्तावेज बनाते थे। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि कल्याणपुर के आनंदेश्वर ऑनलाइन कैफे का संचालक तेजस पाल पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। पुलिस की पूछताछ में तेजस ने बताया कि वह लगभग एक साल पहले कजाखिस्तान नंबर से संचालित व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़ा था। इसी ग्रुप के जरिए उसे डीबीडब्ल्...