हिन्दुस्तान, फरवरी 15 -- विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 2 दस्तावेजों के आधार पर ही नाम शामिल किया जाएगा। वर्ष 1987 से पहले जन्मे लोगों को जन्म अथवा निवास से संबंधित एक वैध दस्तावेज देना होगा, जबकि वर्ष 2003 से पहले जन्मे आवेदकों को अपने साथ-साथ माता-पिता के दस्तावेज प्रस्तुत कर वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया जा सकेगा। वर्ष 2003 की एसआईआर सूची को आधार बनाकर सत्यापन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनके नाम 2003 की एसआईआर सूची में नहीं है। इनमें अधिकतर वह लोग हैं जिन्होंने बार-बार अपने पते बदले हैं। इन लोगों को नाम मतदाता सूची में अब नहीं है। जिन लोगों का नाम उस सूची में नहीं मिल रहा, उन्हें अतिरिक्त प्रमाण देने पड़ ...