नई दिल्ली, जून 2 -- Rahu Shatabhisha Nakshatra Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में राहु एक छाया ग्रह है और यह हमेशा वक्री यानी उलटी चाल चलता है। मायावी ग्रह राहु 31 मई 2026 को शतभिषा नक्षत्र के पहले पद में गोचर कर गए हैं। शतभिषा नक्षत्र में राहु 2 अगस्त तक रहेंगे। शतभिषा नक्षत्र के स्वामी स्वयं राहु हैं, इसलिए राहु का शतभिषा नक्षत्र परिवर्तन एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना मानी जा रही है। राहु के शतभिषा नक्षत्र के पहले चरण में आने का प्रभाव मेष से लेकर मीन राशि पर पड़ेगा। कुछ भाग्यशाली राशियों को राहु गोचर से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है, जबकि कुछ राशि वालों को इस समय सतर्क रहने की जरूरत है।जानें राहु नक्षत्र गोचर की लकी-अनलकी राशियां-1. मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को राहु के प्रभाव से प्रोफेशनल लाइफ में अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इ...