धनबाद, जनवरी 29 -- धनबाद, प्रमुख संवाददाता। धनबाद नगर निगम के आरक्षित वार्डों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे पार्षद के प्रत्याशियों के सामने 1978 से पहले जमीन के कागजात की अनिवार्यता ने उनका रास्ता रोक दिया है। झारखंड सरकार के कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए बनने वाले जाति प्रमाण-पत्र में 1978 या उससे पहले की जमीन की डीड होना अनिवार्य है। ऐसे में 1978 के बाद धनबाद में आकर बसे पार्षद के प्रत्याशियों के लिए चुनाव लड़ना मुश्किल हो गया है। धनबाद नगर निगम में 17 वार्ड ओबीसी आरक्षित हैं, जिसमें प्रत्याशियों की संख्या 200 से अधिक रहने वाली है। ऐसे में जिनके पास जाति प्रमाण-पत्र बना हुआ है, वे तो चुनाव लड़ पाएंगे। लेकिन जो पहली बार जाति प्रमाण-पत्र बनाकर चुनाव लड़ना चाहेंगे, उनके लिए यह संभव नहीं हो पाएगा। शहर में बिह...