मेरठ, मार्च 12 -- सुभारती विवि के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में '1947 के विभाजन एवं अखंड भारत की विचारधारा' विषय पर व्याख्यान में शिक्षाविद प्रो.सदानंद दामोदर सप्रे ने कहा कि 1947 का विभाजन भारतीय इतिहास की एक अत्यंत पीड़ादायक घटना थी जिसने न केवल भौगोलिक सीमाओं को बदला बल्कि समाज और संस्कृति को भी गहराई तक प्रभावित किया। अखंड भारत की विचारधारा केवल भौगोलिक एकता तक सीमित नहीं है बल्कि यह सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित एक व्यापक अवधारणा है। राष्ट्रबोध प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो.डीसी सक्सेना ने कहा कि 1947 का विभाजन राजनीतिक और तत्कालीन समय की जटिल परिस्थितियों का परिणाम था। पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ.ऋतेष चौधरी ने कहा कि इस व्याख्यान से छात्रों को इतिहास, राजनीति और समाज के गहन संबंधों को समझने का मौका मिला। व्याख्यान म...