भोपाल, अगस्त 10 -- प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेश भारतीय सरकार को कर्ज देने वाले मध्य प्रदेश के सीहोर निवासी रूठिया परिवार के दावे पर 5 महीने बाद ब्रिटेन सरकार की ओर से 5 महीने बाद पहला ऑफिशियल जवाब आ गया है। यह जवाब यूके के 'डेट मैनेजमेंट ऑफिस' (DMO) से भेजा गया है। 63 वर्षीय विवेक रूठिया हाल ही में ब्रिटिश भारत के 109 साल पुराने 'वॉर लोन सर्टिफिकेट' की वजह से चर्चा में आए थे। उनके दादा ने यह कर्ज अंग्रेजों को दिया था। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश सरकार द्वारा पहले विश्व युद्ध के दौरान सैन्य खर्चों के लिए 'वॉर लोन सर्टिफिकेट' जारी कर कारोबारियों और अमीर नागरिकों से पैसे जुटाए गए थे। इसके बदले उन्हें निश्चित रिटर्न का वादा किया गया था। 1917 के इंडियन वॉर लोन के बदले उन्हें 5.5% की ब्याज दर मिलती थी। रूठिया परिवार न...