हापुड़, मार्च 14 -- गढ़मुक्तेश्वर, संवाददाता।नवसंवत्सर का शुभारंभ चैत्र माह के शुल्क पक्ष की प्रतिपदा यानी पहले नवरात्रि से होगा। इस बार चैत्र नवरात्र 19 से 27 मार्च तक रहेंगे। शक्ति की उपासना का यह पर्व इस बार विशेष रहने वाला है। चूंकि इस बार माता रानी पालकी में सवार होकर आएंगी। वहीं, उनका प्रस्थान हाथी पर होगा। ज्योतिषाचार्यों व विद्वानों का माने तो माता रानी के पालकी में आना अशुभ संकेत माना जाता है। इस दौरान महामारी, प्राकृतिक आपदा, राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिलेगी। पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि शक्ति उपासना का पर्व 19 मार्च से शुरू हो रहा है। इस बार माता रानी पालकी में सवार होकर आ रही हैं। यह संकेत देता है कि इस बार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इसका असर संपूर्ण विश्व पर पड़ेगा। मान्यताओं के अनुसार, माता रानी का पालकी पर आने अर्थ ये...