संवाददाता, मार्च 1 -- राम मंदिर में वासंतिक नवरात्र के पहले 19 मार्च को आयोजित राम नाम मंदिर की स्थापना के अनुष्ठान के मुख्य आचार्य काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ होंगे। उनके साथ दक्षिण भारत व काशी के 51 विद्वान आचार्यों का दल भी शामिल रहेगा। एक दिवसीय इस अनुष्ठान का शुभ मुहूर्त पूर्वाह्न 11 बजे निर्धारित है। यह अनुष्ठान सुबह आठ बजे से शुरू होकर मध्याह्न तक चलेगा। इसी मुहूर्त में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पूजन में शरीक होंगी। वह यहां डेढ़ घंटे रहेंगी। इस दौरान आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति मुर्मु राम मंदिर निर्माण एजेंसियों के अलग-अलग यूनिटों के चार सौ श्रमिकों, कारीगरों, तकनीकी विशेषज्ञों व वास्तुकारों को सम्मानित करेंगी। रामनवमी 26 मार्च को मनेगी, प्राकट्योत्सव के साथ रामलला का होगा सूर्य ति...