संतकबीरनगर, जनवरी 30 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के मगहर महोत्सव में सृजन शक्ति वेलफेयर सोसाइटी लखनऊ ने किस्सागोई के ज़रिए 1857 की क्रांति में महिलाओं के योगदान को मंचित किया। इसके माध्यम से 1857 की आग और इंक़लाब से निर्देशिका सीमा मोदी ने इतिहास, समाज और स्त्री संघर्षों के पन्नों को जीवंत किया। इंकलाब जिंदाबाद के नारों से परिसर गूंज उठा। किस्सागोई 1857 क्रांति आग और इंक़लाब की कहानी सीमा मोदी और सौम्या आदित्री की ज़ुबानी से शानदार प्रस्तुति हुई। इतिहास जब किताबों में कैद हो जाता है, तो वह सिर्फ़ तारीख़ बनकर रह जाता है लेकिन जब वही इतिहास मंच पर साँस लेने लगता है, तो वह चेतना बन जाता है। यह मंचन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि इतिहास, समाज और स्त्री-संघर्ष की परतों को उजागर करने वाला एक सशक्त सांस्कृतिक अनुभव है। आजादी की लड़ाई...
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