गोरखपुर, जनवरी 22 -- गोरखपुर, नीरज मिश्र। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) और आईआईटी नई दिल्ली के विशेषज्ञ हृदय विफलता (हार्ट फेल्योर) के 1800 मरीजों के डाटा का विश्लेषण कर उसके कारणों का पता लगाएंगे। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए ऐसी तकनीक विकसित करेंगे, जो हृदय विफलता के खतरे को पहले से पहचान सके। ईसीजी, दिल की धड़कन और रक्त जांच के आंकड़ों के अध्ययन के आधार पर एक एआई स्मार्ट सिस्टम तैयार करेंगे। इसमें एम्स नई दिल्ली और गोरखपुर की टीम मरीजों का डाटा उपलब्ध कराने में मदद करेगी। दोनों संस्थानों ने मरीजों का डाटा जुटाने का काम शुरू कर दिया है। पिछले कुल सालों से हृदय विफलता के मामले काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में समय से पहले इस गंभीर बीमारी की पहचान हो सके, इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक शोध शुरू हुआ है। इसक...
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