विधि संवाददाता, अक्टूबर 6 -- पटना हाईकोर्ट ने लंबे समय तक वैवाहिक अलगाव को क्रूरता मानते हुए पति को तलाक देने के भोजपुर फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की बेंच ने पत्नी की ओर से दायर अर्जी को खारिज कर दिया। बेंच ने कहा कि पत्नी ने 18 साल से पति से अलग रहने की बात से इनकार नहीं किया है। ऐसे में निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। भोजपुर कोर्ट ने साल 2022 में पति-पत्नी को तलाक देने पर मुहर लगा दी थी। इसी फैसले के खिलाफ पत्नी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, पटना हाईकोर्ट ने पत्नी को हिंदू विवाह अधिनियम के धारा 25 के तहत स्थायी भरण-पोषण का आवेदन करने की पूरी छूट दी है। अदालत ने कहा कि अगर आवेदन दिया जाता है, तो फैमिली कोर्ट 4 महीने के भीतर उस आवेदन पर अ...