जयपुर, फरवरी 8 -- राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक कांस्टेबल को 2002 में सेवा से हटाए जाने के आदेश को रद्द करते हुए उसे दोबारा नौकरी में बहाल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश को रद्द करते हुए कहा कि मेडिकल परिस्थितियों से जुड़ी अनुपस्थिति को आधार बनाकर इतनी कठोर सजा देना न केवल असंगत था, बल्कि इसमें निष्पक्षता और मानवीय दृष्टिकोण की भी अनदेखी की गई।'चौंकाने वाली सजा' इस मामले पर जस्टिस आनंद शर्मा ने हंस राज दोई की याचिका पर सुनवाई करते हुए 3 फरवरी को दिए फैसले में कहा कि एक ऐसे जवान, जिसका रिकॉर्ड बहादुरी, समर्पण और सराहना से भरा रहा हो, उसे कथित अनुशासनहीनता के आरोप में सेवा से हटाना चौंकाने वाली सजा है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अनुशासन लागू करने के नाम पर निष्पक्षता, तर्कसंगतता और मानवता की अनदेखी...