गंगापार, मई 12 -- फूलपुर। संविधान के अनुच्छेद 243-ई के तहत पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और समय सीमा समाप्त होने से पहले चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी जानी चाहिए, ताकि ग्राम पंचायतों का विकास प्रभावित न हो। ग्राम पंचायतों में प्रशासक थोपना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उक्त बातें फूलपुर ब्लॉक मुख्यालय पर अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले आयोजित बैठक को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येन्द्र त्रिपाठी ने कही। अध्यक्षता करते हुए प्रदेश सचिव जगदीश गुप्ता ने कहा कि ग्राम प्रधान जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि होते हैं और लोकतंत्र में जनता ही तय करती है कि किसे दोबारा मौका देना है। उन्होंने कहा कि पिछली बार की तरह इस बार भी पंचायत चुनाव में देरी की आशंका बनी हुई है, जिससे गांवों में नाराजगी बढ़ रही है। मौजी ...