उरई, जुलाई 15 -- उरई। मुहर्रम के मौके पर शोक और अकीदत का प्रतीक 18 बनी हाशिम का जुलूस ताबूत व अलम मंगलवार रात उरई के मोहल्ला मोहनपुरा में बारगाह ए बाबुल मुराद से अकीदत के साथ निकाला गया। बाद में नमाज ए मगरिब मजलिस के बाद जुलूस बरामद हुआ। इसमें सैकड़ों अजादार शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन अंजुमन गुंचा ए मज़लूमिया उरई के तत्वावधान में किया गया। मजलिस की निज़ामत मौलाना शारिब अब्बास साहब किब्ला अम्बेडकर नगर ने की। मजलिस को खिताब मौलाना अकबर अली साहब नजफी और मौलाना साजिद अली आब्दी किब्ला उरई ने फरमाया। जाकिर ए अहलेबैत अली अख्तर आब्दी ने कर्बला के वाकयात बयान कर अजादारों को रुलाया। मजलिस के बाद मस्जिद से जुलूस बरामद होकर बारगाह ए बाबुल मुराद पहुंचा। यहां ताबूतों की मंजरकशी की गई। अजादारों ने ताबूतों पर फूल चढ़ाकर मातमदारी की और या हुसैन, या अब्...